मोटा दलिया और गेहूँ के फाड़े—हमारी पुरानी रसोई का पौष्टिक खजाना
हमारी पुरानी रसोई का स्वाद आज की थाली में



🌾 मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) रेसिपी….🍚🍚🍚🥛🥛🥛
जब नाश्ता पैकेट में नहीं, परंपरा में मिलता था…
मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) | हमारी पुरानी रसोई का पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नाश्ता अक्सर Instant हो गया है—कुछ मिनटों में तैयार होने वाला और जल्दी-जल्दी खा लेने वाला।
लेकिन हमारी पुरानी रसोई की खूबसूरती कुछ और थी… ❤️
तब नाश्ते के लिए पैकेट नहीं होते थे। घर के अनाज, दालें, मूंगफली और देसी मसालों से ही स्वाद और पोषण से भरी थाली तैयार होती थी।
मोटा दलिया, जिसे कई जगह गेहूँ के फाड़े भी कहा जाता है, ऐसी ही हमारी पारंपरिक रसोई की एक खास रेसिपी है।
गेहूँ के इन मोटे फाड़ों को पहले भिगोकर चना दाल और मूंगफली के साथ पकाया जाता है और फिर खोपरे, करी पत्ते और हरी मिर्च के देसी बघार से इसका स्वाद निखारा जाता है।
पकने के बाद इसकी बनावट थोड़ी पोहा जैसी लगती है, लेकिन स्वाद में है हमारी मिट्टी और पुरानी रसोई की वही सादगी। 🌾🥜🌿
यह सिर्फ एक नाश्ता नहीं, हमारी पारंपरिक रसोई की वह विरासत है—जहाँ साधारण सामग्री में स्वाद भी था और पोषण भी। 💜
मोटे दलिया में छिपा है स्वाद के साथ पोषण ,पोहा जैसी बनावट, लेकिन स्वाद बिल्कुल देसी..
सामग्री ……




मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) की सामग्री
- 🌾 मोटा दलिया / गेहूँ के फाड़े – 1 कप
- 🥜 मूंगफली – ½ कप
- 🌿 चना दाल – ½ कप
- 🟢 मटर के दाने – ½ कप
- 🥥 सूखा खोपरा – ¼ कप
- 🌿 करी पत्ता – 8–10 पत्ते
- 🌶️ हरी मिर्च – 2–3
- 🌶️ लाल खड़ी मिर्च – 2–3
- 🌶️ लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
- 🌿 हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
- 🌱 राई – 1 छोटी चम्मच
- हींग – 1 चुटकी
- 💛 हल्दी – ½ छोटी चम्मच
- 🧂 नमक – स्वादानुसार
- 🫗 तेल – बघार के लिए
- 💧 पानी – आवश्यकतानुसार
भिगोने वाली सामग्री: मोटा दलिया/फाड़े, मूंगफली और चना दाल को पहले भिगोना है। फिर कुकर में पकाकर अंत में राई, हींग, लाल खड़ी मिर्च, करी पत्ता, हरी मिर्च आदि का स्वादिष्ट बघार देना है। 🌾🌿
विधि ..



👩🍳 मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) बनाने की विधि
Step 1 – सामग्री भिगोएँ
सबसे पहले मोटा दलिया/गेहूँ के फाड़े, मूंगफली और चना दाल को अच्छी तरह धोकर पर्याप्त पानी में भिगोकर रखें। इन्हें अच्छी तरह भीगने दें।
Step 2 – कुकर में पकाएँ
भीगे हुए फाड़े, मूंगफली और चना दाल को कुकर में डालें। इसमें मटर के दाने, नमक और हल्दी डालें। आवश्यकतानुसार पानी डालकर कुकर बंद करें और सीटी देकर अच्छी तरह पका लें।
Step 3 – बघार की तैयारी करें
अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें। इसमें राई और एक चुटकी हींग डालें। राई चटकने लगे तो लाल खड़ी मिर्च, हरी मिर्च और करी पत्ता डालें।
Step 4 – खोपरा और मसाले डालें
अब इसमें कटे हुए खोपरे डालकर हल्का भूनें। इसके बाद लाल मिर्च पाउडर डालें। मसाले जलें नहीं, इसलिए आँच मध्यम रखें।
Step 5 – पका हुआ दलिया मिलाएँ
अब कुकर में पके हुए मोटे दलिया/गेहूँ के फाड़े, मूंगफली, चना दाल और मटर को कड़ाही में डालें।
Step 6 – बघार का स्वाद मिलाएँ
सभी सामग्री को धीरे-धीरे अच्छी तरह मिलाएँ और कुछ मिनट पकाएँ, ताकि बघार और मसालों का स्वाद पूरे दलिया में अच्छी तरह मिल जाए।
Step 7 – हरे धनिए से सजाएँ
गैस बंद करके ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें।
🌿 तैयार है हमारा देसी नाश्ता!
गरमा-गरम मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) तैयार है। इसकी बनावट थोड़ी पोहा जैसी और स्वाद पूरी तरह हमारी पारंपरिक रसोई वाला है। 🌾🥜🌿
खास बात: फाड़ों को बहुत ज्यादा पानी में न पकाएँ, ताकि तैयार होने के बाद इसकी बनावट एकदम पतली न होकर हल्की दानेदार और पोहे जैसी रहे।










🍽️ Serving Tips | मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) को कैसे परोसें?
मोटे दलिया के फाड़ों को गरमा-गरम परोसें। इसके साथ कच्ची कैरी, बारीक कटा प्याज, कसा हुआ सूखा खोपरा और ताजा हरा धनिया रखें। 🌿🥥
साथ में ठंडा दही और घर का मट्ठा जरूर परोसें। दही की ठंडक, मट्ठे की ताजगी और कच्ची कैरी की हल्की खटास इस पारंपरिक नाश्ते के स्वाद को और भी बढ़ा देती है। 🥣💚
एक प्लेट में गरमा-गरम फाड़े, साथ में कच्ची कैरी, प्याज, खोपरा, हरा धनिया और दही-मट्ठा—यही है इस देसी नाश्ते का पूरा स्वाद। 🌾
💪 मोटा दलिया (गेहूँ के फाड़े) के पौष्टिक फायदे
- प्रोटीन का अच्छा संयोजन: चना दाल और मूंगफली इस रेसिपी में प्रोटीन बढ़ाने में मदद करते हैं।
- फाइबर से भरपूर: मोटा गेहूँ फाइबर प्रदान करता है, जो भोजन को अधिक संतोषजनक बनाने में मदद करता है।
- भरपेट नाश्ता: गेहूँ, दाल और मूंगफली का संयोजन लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराने में सहायक हो सकता है।
- ऊर्जा देने वाला: गेहूँ और मूंगफली से मिलने वाले पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
- पारंपरिक और पौष्टिक: यह हमारी पुरानी रसोई के अनाज, दाल और प्राकृतिक सामग्री को स्वादिष्ट तरीके से थाली में शामिल करता है।
- मटर से अतिरिक्त पोषण: हरे मटर से रेसिपी में फाइबर, विटामिन और खनिजों का योगदान बढ़ता है।
- मूंगफली और खोपरे का स्वाद: दोनों सामग्री रेसिपी को स्वादिष्ट बनाने के साथ वसा और ऊर्जा भी प्रदान करती हैं।
🌿 देसी अनाज + दाल + मूंगफली + सब्जियाँ = स्वाद और पोषण से भरा पारंपरिक नाश्ता। ❤️
🌾 हमारी पारंपरिक रसोई का स्वाद
मोटा दलिया हो या गेहूँ के फाड़े—यह सिर्फ एक नाश्ता नहीं, हमारी उस रसोई की याद है जहाँ सादगी में स्वाद और हर निवाले में अपनापन हुआ करता था। ❤️
आज के बदलते दौर में आइए, अपनी थाली में फिर से देसी अनाज और पारंपरिक स्वाद को जगह दें और अपनी रसोई की इस खूबसूरत विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाएँ। 🌾💚
स्वाद भी अपना, परंपरा भी अपनी और सेहत का ख्याल भी अपना।
वैशाली की रसोई में हर रेसिपी के साथ जुड़ी है एक कहानी। 💜
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